वीआईपी कल्चर की जरूरत नहीं, सांसद-विधायकों का खड़े होकर सम्मान करें-बघेल

कलेक्टरों के साथ मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग, कहा-ईमानदार अधिकारियों को पूरा संरक्षण मिलेगा, मोबाइल वितरण अभी स्थगित रखें

छत्तीसगढ़ के नये मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार व्हीआईपी कल्चर को बढ़ावा नहीं देगी। हमें व्हीआईपी कल्चर की जरूरत नहीं है।उन्होंने कहा कि राजधानी से लेकर गांवों तक सादगी के साथ जनसेवा करना हमारी सरकार का संकल्प है। सभी अधिकारी इसे ध्यान में रखकर काम करें।

मुख्यमंत्री ने बुधवार की शाम यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के संभागीय कमिश्नरों, जिला कलेक्टरों, पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक में यह बात कही।

जनप्रतिनिधियों के मानसम्मान का पूरा ध्यान रखें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पक्ष और विपक्ष के सभी जनप्रतिनिधियों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए और कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपने कार्यालय  में ज्ञापन लेकर आने वाले सांसदों और विधायकों से सम्मानपूर्वक खड़े होकर उनका ज्ञापन लें। उल्लेखनीय है कि शपथ ग्रहण के तीसरे दिन मुख्यमंत्री ने आज पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को जन घोषणा पत्र के सभी बिन्दुओं पर क्रियान्वयन के लिए विभागवार कार्रवाई तत्काल शुरू करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ उन्होंने कहा कि किसानों को धान पर प्रति क्विंटल 2500 रूपए देने और कृषि ऋण माफी के फैसलों पर अमल के लिए सभी जिलों में आवश्यक जानकारी के साथ कार्य योजना भी जल्द तैयार कर ली जाए।

बघेल ने कहा कि हर जिले में जिला प्रशासन के कार्य जनोन्मुंखी हों और सभी कलेक्टर तथा उनके मातहत अधिकारी जनता की समस्याओं का पूरीसंवेदनशीलता के साथ निराकरण करें। उन्होंने साफ शब्दों में सभी कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि छोटी-छोटी समस्याओं के निराकरणके लिए आम जनता को सुदूर इलाकों के अपने घरों से मंत्रालय न आना पड़े और उनकी समस्याओं का

निराकरण  यथासंभव जिला स्तर पर हो जाए।

 बघेल ने कोल माफिया, भू-माफियाओं, सूदखोरों और सट्टे बाजों पर पुलिस को कठोरता से शिकंजा कसने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्थाको बेहतर बनाने के लिए पुलिस की धमक जरूरी है और अपराधियों पर पुलिस का खौफ भी होना चाहिए,

लेकिन उसकी कार्य प्रणाली ऐसी हो कि आम जनता पुलिस को अपना मित्र और सहयोगी माने। उन्होंने बैठक में धान खरीदी की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भिलाई नगर जैसेऔद्योगिक शहरों में सूदखोरी के व्यवसाय के बारे में मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।  बघेल ने कहा कि औद्योगिक शहरों में मेहनतकश श्रमिकों को सूदखोरों के चंगुल से बचाने और सूदखोरी के धंधे में लगे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।

बघेल ने अधिकारियों को विगत दो दिनों में समुद्री तूफान के प्रभाव से राज्य में हुई बेमौसम बारिश के कारण फसलों को क्षति पहुंचने की आशंका को देखतेहुए आंकलन के लिए सर्वेक्षण कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि सर्वेक्षण के आधार पर प्रभावित पाए जाने वाले किसानों को आरबीसी 6-4 केतहत उचित मुआवजा दिया जाएगा।

सीमावर्ती जिलों में धान के अवैध परिवहन को रोकने कड़ी निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा-राज्य सरकार ने किसानों का धान 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने और कृषि ऋण माफी का भी निर्णय लिया है।

देश में धान पर सबसे ज्यादा कीमत किसानों को छत्तीसगढ़ में मिलेगी।

इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ से लगे हुए राज्यों की सीमाओं पर हमारेजिला कलेक्टरों, खाद्य अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को लगातार कड़ी

निगरानी रखने की जरूरत है, ताकि बाहरी राज्यों का धान अवैध आवक न होने पाए।  धान के अवैध परिवहन और अन्य राज्यों का धान यहां लाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उनके अवैध धान सहित वाहनोंको भी जब्त कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह जानकर खुशी जताई कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एक तहसीलदार ने धान काअवैध परिवहन करने वाले तीन वाहनों को जब्त कर लिया।बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर के माध्यम से संबंधित तहसीलदार को बधाई दी औरकहा कि ऐसी ही प्रशासनिक मुस्तैदी और सक्रियता सभी जिलों में होनी चाहिए।

ईमानदार अधिकारियों को सरकार पूरा संरक्षण देगी

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी सरकारी अधिकारी पूरी ईमानदारी से जनता की सेवा करें। ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को सरकार पूरा संरक्षण देगी। बघेल ने संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों से कहा-जनहित के किसी भी मुद्दे पर अधिकारी मुझसे निःसंकोच चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने जिलों में सरकारी मोबाइल फोन का वितरण फिलहाल स्थगित रखने के निर्देश दिए और कहा कि इस सम्बन्ध में शासन स्तर पर बाद में उचित निर्णयलिया जाएगा।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मंत्री द्वय  टी.एस. सिंहदेव और  ताम्रध्वज साहू ने जिलों में किसानों को कृषि उपजों का उचित मूल्य दिलाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की जरूरत पर बल दिया ।इस पर मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को इसके लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।  सिंहदेव नेकहा कि स्कूल-कॉलेज आने जाने वाली बालिकाओं की सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय करने चाहिए। यह विषय हमारे जन घोषणा पत्र में भी शामिल है।मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए।  बघेल ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में फसलों की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी ली।उन्होंने मुंगेली जिले के संदर्भ में जलाशयों में पानी की उपलब्धता के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के मामलों का तत्परता से निराकरण करवाने के भी निर्देश दिए।

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