कर्नाटक के मंत्री तनवीर ने TOI के पत्रकार से माफी मांगी

कार्यकर्ताओं ने एक रिपोर्टिंग से बौखलाकर किया था दुर्व्यवहार

  • कर्नाटक के स्कूल शिक्षा मंत्री तनवीर सायत ने एक अधिकारिक बयान जारी कर टाइम्स ऑफ इंडिया के संवाददाता शिवेन्द्र उर्स से माफी मांग ली है। सोमवार को शिवेन्द्र को मंत्री के समर्थकों ने करीब 20 मिनट तक बंधक बना लिया था। मंत्री तनवीर ने अपने माफीनामे में माना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं का व्यवहार अनुचित था। उन्हें पत्रकार के साथ अपना व्यवहार ठीक रखना चाहिए था।

घटना तब हुई जब रिपोर्टर शिवेन्द्र उर्स गायत्रीपुरम् के नरसिम्हाराज विधानसभा क्षेत्र में चुनाव अभियान को कवर करने के लिए गए थे। मंत्री के कार्यकर्ता इस दौरान उन्हें खींचकर एक घर पर ले गए, जहां 20 मिनट तक उन्हें रोककर रखा गया। बताते हैं कि झगड़ा तब शुरू हुआ जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने रिपोर्टर से अपना पहचान पत्र दिखाने कहा, लेकिन वह नहीं दिखा सके।

वेबसाइट द न्यूज मिनट के अनुसार वहां मौजूद लोगों ने उसकी डायरी और कलम छीन ली और कहा कि जब तक मंत्री तनवीर से बात नहीं होगी, उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा। शिवेन्द्र का दावा है कि उनका फोन भी जब्त कर लिया गया और उन्हें कोई कॉल करने की इजाजत नहीं दी गई। शिवेन्द्र अपने दफ्तर में फोन लगाकर आईडी कार्ड मंगाना चाहते थे। तनवीर के अनुसार हाल ही में आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के कारण पार्टी कार्यकर्ता उत्तेजित थे।

शिवेन्द्र ने पुलिस और मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार से मंत्री और उनके समर्थकों की शिकायत की है। उन्होंने घटना में प्रमुख रूप से शामिल एक व्यक्ति शिवलिंगप्पा की पहचान भी की है। शिवेन्द्र ने तनवीर के इन दावों को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने अपने समर्थकों को रोका और उनसे उन्हें छुड़ाया। शिवेन्द्र के अनुसार इस घटना के पीछे वही थे और जिस घर में उन्हें समर्थक ले गए वहां भीतर तनवीर मौजूद थे।

शिवेंद्र के अनुसार, मंत्री ने उन्हें व्याख्यान दिया कि पत्रकारिता कैसे की जानी चाहिए और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया पर टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक लेख के बारे में उनसे सवाल किए। शिवेंद्र ने कहा कि घटना के समय पार्टी सदस्यों या मंत्री द्वारा उनसे माफी नहीं मांगी गई थी, जैसा दावा किया गया है।

मालूम हो कि तनवीर सैत पहली बार विवादों में नहीं घिरे हैं। नवंबर 2016 में टीपू जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें मोबाइल फोन पर लड़कियों की अश्लील तस्वीरें देखते हुए पाया गया था। तब विपक्ष ने उनसे इस्तीफे की मांग की थी। हालांकि तनवीर सैत ने अपनी गलती मानने से इनकार करते हुए सफाई दी थी कि वे सिर्फ मोबाइल पर आए मैसेज देख रहे थे। सर्फिंग और डाउनलोड कर कुछ नहीं देखा।

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