तैयार रहें, डीजल पेट्रोल के दाम पर अभी और आग लगेगी, पार करेगा 90 का आंकड़ा

विश्व की जानी मानी फाइनेंशियल रिसर्च कम्पनी जे.पी मोरगन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार क्रूड ऑयल के दाम मई महीने तक 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि देश में लोगों को  पेट्रोल-डीजल का और बढ़ा हुआ दाम चुकाने के लिए तैयार रहना होगा। आशंका है कि मई माह में पेट्रोल का खुदरा मूल्य 90 रुपए और डीजल का 80 रुपए तक जा सकता है। पेट्रोल डीजल महंगा होने का सीधा असर दूसरी चीजों की कीमतों पर भी पड़ता है। इससे महंगाई भी बढ़ने के आसार हैं।
क्रूड आयल का दाम सन् 2014 के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर है। नतीजतन पेट्रोल करीब 75 रुपए तो डीजल 70 रुपए लीटर में बिक रहा है। पिछले साल जून माह से पेट्रोलियम कम्पनियां क्रूड ऑयल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के अनुसार हर रोज पेट्रोल डीजल के दाम घटाती बढ़ाती हैं। इस समय क्रूड ऑयल उत्पादक देश उत्पादन घटाकर कीमतों को बढ़ाने की नीति पर काम कर रहे हैं। इसके चलते अभी जो क्रूड आयल का दाम 71.85 डॉलर प्रति बैरल है वह मई माह में 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।

इस समय वैश्विक वातावरण भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटने की ओर झुका हुआ नहीं है। जेपी मोर्गन के मुताबिक सीरिया में हालत अभी सुधरने की संभावना नहीं है। अमेरिका और रूस के बीच तथा मध्य-पूर्व देशों में तनाव की स्थिति बन गई है। अमेरिका और यूरोपियन यूनियन द्वारा ईरान पर नए प्रतिबंध थोपे जाने की आशंका है।

भारत की खपत का 80 प्रतिशत तेल आयात के जरिये पहुंचता है। इसके लिए डॉलर की जरूरत पड़ती है। दाम बढ़ने पर डॉलर अधिक खर्च करने होंगे, जिससे रुपया कमजोर होगा और नए इससे अन्य चीजों का आयात भी महंगा होगा। केन्द्र व राज्य सरकारें अभी पेट्रोल डीजल पर सेल्स और एक्साइज ड्यूटी लेती है। इसे जीएसटी के दायरे में लाने की मांग लगातार की जा रही है पर राजस्व घटने की आशंका से सरकार न तो इसे जीएसटी में लाने को उत्सुक दिखाई देती है और न ही मौजूदा टैक्स स्लैब में कोई बदलाव कर रही है।

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