बिटकॉइन धोखाधड़ी: दिल्ली के दो लोगों ने पांच हजार लोगों से करोड़ों ठगे

साइबर सेल ने हरियाणा से किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने क्रिप्टोकरंसी का उपयोग करके करीब पांच हजार लोगों से कई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन्हें बिटकॉइन में निवेश करने का झांसा दिया गया था। इससे पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी में पुणे से एक व्यक्ति को वहां की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।

साइबर सेल के डीसीपी अन्येश रॉय ने बताया कि एडिशनल डीसीपी केपीएस मेल्होत्रा  की टीम ने इस मामले में दीपक जांगड़ा (37 वर्ष) और दीपक मल्होत्रा (56 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि पुलिस ने इन पर नजर रखनी तब शुरू की जब कई लोगों की सिकायत आ गई कि दोनों आरोपी एक कंपनी bitmineplus.org दिसंबर 2016 से चला रहे हैं। जांच से पता चला कि उन्होंने निवेशकों को बिटकॉइन में निवेश करने पर 12 प्रतिशत रिटर्न देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने ग्राहकों को अपनी कम्पनी के जरिये बिटकॉइन खरीदने के लिए कहा। लोगों ने इनसे करीब 200 बिटकॉइन खरीदे।

दरअसल ये दोनों एक मल्टीलेवल मार्केटिंग स्कीम बिटकॉइन के जरिये शुरू करना चाहते थे। इसने उन ग्राहकों को मासिक आमदनी और अतिरिक्त आय देने का झांसा दिया, जो नए ग्राहकों को जोड़ते थे। शुरुआत में कई लोगों को इन दोनों ने रिटर्न भी दिया। करीब पांच हजार लोगों का विश्वास हासिल कर लेने के बाद  आरोपियों की कंपनी ने लोगों को भुगतान करना बंद कर दिया। इसकी जगह पर उन्होंने अपने निवेशकों को ‘बीएमपी’ नाम की एक नई क्रिस्पोकरंसी खरीदने के लिए प्रस्ताव दिया। इसे इन लोगों ने स्वयं बनाया था। बीएमपी की तरफ लोगों को आकर्षित करने के लिए उन्होंने एनसीआर के पांच सितारा होटल और रिज़ार्ट्स में सम्मेलन और पार्टियां भी रखीं। दोनों ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली में नेताजी सुभाष प्लेस में अपना कार्यालय भी स्थापित किया।

जब निवेशकों ने स्टॉक एक्सचेंज में इस नई क्रिप्टोकरंसी को चलाने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि इसका कोई मूल्य नहीं है। यही वह समय था जब निवेशकों ने उनसे नगदी में भुगतान की मांग शुरू कर दी। निवेशकों का दबाव बढ़ने पर जांगड़ा अपने परिवार के साथ कहीं भाग गया गया। इन दोनों को इंस्पेक्टर के पी शाह और के एल यादव की टीम ने छापा मारकर हरियाणा के सीपत से गिरफ्तार कर लिया है। कुछ दिन पहले पुणे क्राइम ब्रांच ने वेबसाइट के जरिये इसी तरह की एक  कंपनी चलाने वाले अमित भारद्वाज को गिरफ्तार किया था। जांगड़ा का कहना है कि अपनी कंपनी खोलने के बारे में विचार उसे भारद्वाज की कंपनी से ही आया था।

GCG webdesk

 

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