मानव तस्करों के लिए बड़ा सबक, महिला दलाल और प्लेसमेंट एजेंसी संचालक को मिली कठोर सजा

67 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले जशपुर को पिछले कुछ दशकों से मानव तस्करी के केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां से हजारों स्थानीय लड़कियो को देश के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी नौकरी का लालच देकर ले जाया गया है। वे हिंसा और  यौन-उत्पीड़न की शिकार हैं। सैकड़ों लड़कियों का पता नहीं चला है। कई की मौत भी हो चुकी है। जशपुर सत्र न्यायालय ने हाल ही में पहली बार ऐसे एक मामले में कठोर सजा सुनाई है, जो मानव तस्करी में लिप्त दलालों और प्लेसमेंट एजेंसियों के लिए बड़ा सबक है।  

जशपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने मानव तस्करी के आरोप में दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक हरिपद दास (47) को 13 साल और जशपुर की महिला दलाल कार्मेला टोप्पो (28) को 15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उन दोनों पर 45 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

अभियोजन के मुताबिक सन् 2016 में आरोपी कार्मेला टोप्पो जशपुर की लोदाम गांव की एक किशोरी को अच्छे वेतन पर काम दिलाने का लालच देकर दिल्ली ले गई। इसकी जानकारी उसने किशोरी के माता-पिता तक को नहीं दी गई। टोप्पो ने उसे दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद में एक प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक हरिपद दास के पास उसे छोड़ दिया।

लड़की के अचानक गायब हो जाने से चिंतित माता-पिता उसकी खोजबीन में जुटे रहे पर उसका पता नहीं चला। इधर टोप्पो के साथ ही दिल्ली गई एक अन्य युवती पिछले साल किसी तरह भागकर जशपुर लौटने में कामयाब रही। गायब किशोरी के माता-पिता अचानक उसके सम्पर्क में आए। युवती ने बताया कि उसकी बेटी दिल्ली में है। माता-पिता ने कार्मेला टोप्पो से सम्पर्क कर अपनी बेटी को वापस लाने के लिए कहा, पर कार्मेला इसके लिए तैयार नहीं हुई। तब लड़की के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने एक टीम दिल्ली भेजी और खोजबीन कर प्लेसमेंट एजेंसी के पास से किशोरी को बरामद कर लिया गया।

सेशन कोर्ट में दोनों के खिलाफ धारा 363, 370 (4) के तहत मुकदमा चला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बीते दिनों इस पर फैसला देते हुए दलाल कार्मेला को आईपीसी 363 के तहत पांच साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसी तरह आईपीसी 370 (4) के तहत दस साल की सजा भी सुनाई गई। उस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है जिसे नहीं पटाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। प्लेमेंट एजेंसी के संचालक हरिपद दास को भी आईपीसी 370 (4) के तहत दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है, जिसे नहीं पटाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। उसे प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी एक्ट की धारा 9 (2) के तहत तीन साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है। इस मामले में उस पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड आरोपित किया गया है, जिसे नहीं पटाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने दोनों पर 45 हजार रुपए का जुर्माना अलग से लगाया है। इनमें से 40 हजार रुपए पीड़िता को दिए जाएंगे।

 

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